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परिकल्पना में आपका स्वागत है , पधारने के लिए धन्यवाद !

मंगलवार, 18 जून 2013

कई मायनों में विशिष्ट होगा अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन !


जैसा कि आप सभी को विदित है कि “न्यू मीडिया और हिंदी का वैश्विक परिदृश्य” विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय परिसंवाद का आयोजन 13-14 सितंबर 2013 को काठमाण्डू में परिकल्पना समय के द्वारा किया जा रहा है ।

यह परिसंवाद चार सत्रों में सम्पन्न होगा, जिसमें मुख्य प्रतिपाद्य विषय “न्यू मीडिया और हिंदी का वैश्विक परिदृश्य” पर तथा कुछ उप विषयों पर वैचारिक मंथन सत्रों के साथ ही दो सत्र उल्लेखनीय ब्लॉगरों के सम्मान और सम्मिलन का भी होगा ।

विगत दो समारोह-सम्मिलन पर नज़र डालें तो परिकल्पना समूह के संस्थापक -संयोजक रवीन्द्र प्रभात जी के द्वारा उद्घोषित 51 ब्लॉगर्स को दिनांक 30 अप्रैल-2011 को हिंदी भवन दिल्ली में परिकल्पना सम्मान देश के एक बड़े प्रकाशन संस्थान हिन्दी साहित्य निकेतन बिजनौर ने प्रदान किया। इसी प्रकार परिकल्पना समूह द्वारा उद्घोषित 51 ब्लॉगर्स को दिनांक 27 अगस्त-2012 को राय उमनाथ वली प्रेक्षागृह, लखनऊ में परिकल्पना सम्मान प्रदान किया सामाजिक सांस्कृतिक संस्था तस्लीम ने । इस बार यह समारोह कई मायनों में विशिष्ट है, क्योंकि यह त्रिदिवसीय आयोजन देश से बाहर नेपाल की राजधानी काठमाण्डू में होने जा रहा है ।

यद्यपि समय कम है और आयोजन को एक नया आयाम भी देना है, इसलिए आवश्यक हो गया है कि तीसरे परिकल्पना सम्मान की उद्घोषणा कर ही दी जाये । इसके लिए लगातार चयन समिति की बैठक हो रही है एक सप्ताह के भीतर सूची फाइनल होने की संभावना है । ज्ञातव्य हो कि इस बार परिकल्पना सम्मान के अंतर्गत कुछ नए नियम-निर्देश के साथ -साथ नए सिरे से सम्मान राशि का भी निर्धारण किया जाना है, ताकि परिकल्पना सम्मान को एक नया स्वरूप प्रदान किया जा सके । साथ ही इसबार इस सम्मान के अंतर्गत एक विषय मर्मज्ञ लेखक और एक चर्चित ब्लॉगर को शिखर सम्मान प्रदान किया जाना है । इस बार कुछ क्षेत्रीय भाषा यथा नेपाली, भोजपुरी, मैथिली, अवधि आदि के ब्लॉगर को भी स्थान दिया जाना है ।

इसलिए परिकल्पना सम्मान समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि परिकल्पना सम्मान हेतु चयनित धारकों के जीवन वृत्त के साथ नाम उद्घोषित किए जाएँ और नेपाल की राजधानी काठमाण्डू मे सभी सम्मान धारकों को नेपाल में भारत के राजदूत की उपस्थिती में नेपाल के किसी विशिष्ट व्यक्ति के कर-कमलों से प्रदान कराया जाए । इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने का कार्य प्रगति पर है । 20 जुलाई 2013 को इसकी विधिवत घोषणा परिकल्पना सम्मान समिति के संयोजक रवीन्द्र प्रभात जी के द्वारा परिकल्पना पर की जाएगी ।

नोट : इस सममारोह में उपस्थित होने हेतु सूचना देने वाले सभी सम्मानित सदस्यगण से अनुरोध है वे कृपया अपना रजिस्ट्रेशन शुल्क चेक या ड्राफ्ट से "परिकल्पना समय" के नाम "पएबूल एट लखनऊ" बनबाते हुये निम्न पते पर भेजें : "परिकल्पना समय (हिन्दी मासिक), एस एस -107, सेक्टर-एन, संगम होटल के पीछे, अलीगंज, लखनऊ (ऊ.प्र.)-226024"

या "परिकल्पना समय" के विजया बैंक विकासनगर, लखनऊ के खाता संख्या : 716600301000214 में सीधे जमा कराते हुये सूचना "parikalpana.samay@gmail.com" पर शीघ्र देवे । आपकी सूचना के आधार पर ही काठमाण्डू में उक्त तिथि को आपके आवास-भोजन और ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ।

विशेष जानकारी के लिए यह लिंक देखें :


अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉग सम्मेलन काठमाण्डू में होना तय

निवेदक :
मनोज पाण्डेय
संपादक : परिकल्पना समय एवं
प्रयोजक : अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन , काठमाण्डू

रविवार, 2 जून 2013

अंतर्जालवासियों के लिए लिखी गई कविता - कविता में कैरियर

कविता लिखना यूं तो
कवि के लिए आसान होता है
पर जो नहीं होते हैं कवि
वे भी लिख लेते हैं कविता
अच्छी खासी बे-तराशी
सुनने वाले खासी को
पढ़ते हैं खांसी
और खो खो करके
खी खी करके लगते हैं हंसने
जैसे हंस रहे हैं आप।

बे-तराशी उन्हें याद दिला देती है बरबस
जेबतराशी की
जेबतराशी का जिक्र सुनकर
जेबतराश सहम जाते हैं
जैसे सहम गए हैं आप
पर दर्जी खूब खिलखिलाते हैं
उनकी जेबतराशी अपराध नहीं है
और वे नहीं हैं अपराधी
जबकि वे रोज तराशते हैं
अनेक जेब, जेबें और
गले भी साथ में
पर धारदार कैंची से।

खूब नाम हो जाता है कवि का
तब वह सोचता है रोजाना एक बार
कि उस कविता को भी लूं तराश
पर आ जाती है तभी खराश
क्योंकि गले में उठ आती है प्यास
फिर टल जाता है उसका
कविता तराश कार्यक्रम
और वे नए शब्दों के साथ
टहलने लगते हैं
जैसे फेसबुक पर
टहल बहल रहे हैं आप।

पुराने प्रयोग किए गए शब्द
अपने प्राण बचने पर
मनाने लगते हैं जश्न
जैसे मना रहे हैं आप
कविता पढ़कर जश्न।

जिनका नाम हो जाता है उनकी
कविता बे-तराशी दौड़ने लगती है
मुझे लगता है कि कवि नहीं
पर कविता कर रही थी

इसी दिन का इंतजार।

मंगलवार, 21 मई 2013

क्या आप नहीं जाना चाहेंगे काठमाण्डू ?


ह पहला अवसर है जब हिन्दी चिट्ठाकारों का वैश्विक समागम भारत की दहलीज से बाहर काठमाण्डू में होने जा रहा है ।


साहित्य और ब्लॉगिंग के इस
त्रिदिवसीय महाकुंभ में जहां मेलबोर्न से पधार रहे हैं वरिष्ठ लेखक श्री हरिहर झा, वहीं कनाडा से उपस्थित हो रहे हैं वरिष्ठ ब्लॉगर श्री समीर लाल समीर

हिन्दी के वरिष्ठ गजलकार डॉ गिरिराज शरण अग्रवाल और वरिष्ठ लेखिका डॉ मीना अग्रवाल के अतिरिक्त इस वैश्विक समारोह में हैदराबाद से पधार रहे हैं वरिष्ठ कथाकार श्री विजय कुमार सपत्ति और हिन्दी की सुपरिचित लेखिका डॉ रामा द्विवेदी, वाराणसी से प्रसिद्ध विज्ञान कथा लेखक डॉ अरविंद मिश्र तथा बिहार से प्रखर ब्लॉगर श्री मनोज पाण्डेय

इसके अलावा जयपुर से पधार रहे हैं "अहा जिंदगी" के फीचर संपादक श्री चंडी दत्त शुक्ल, दिल्ली से वरिष्ठ ब्लॉगर एवं व्यंग्यकार श्री अविनाश वाचस्पति, संतोष त्रिवेदी,भोजपुरी फिल्मों के नायक श्री मनोज भावुक, हिन्दी के सुपरिचित रचनाकार श्री मनोज अवोध, सुश्री अंजु अनु चौधरी, नीता कोटेचा, मुकेश कुमार सिन्हा आदि ।


इस समारोह में अपनी उपस्थिति की सूचना देने वालों की संख्या 30 तक पहुँच चुकी है और अब आपकी बारी है, समय कम है । अवसर बार-बार नहीं आता, शीघ्र अपना पंजीयन कराएं ।

ध्यान दें : प्रतिभागियों की संभावित संख्या पूर्ण हो जाने पर कभी भी पंजीयन बंद किया जा सकता है ।

विशेष जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें :

अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉग सम्मेलन काठमाण्डू में होना तय, चल रहे हैं न आप ?

() एक खुशखबरी दे दूँ , कि परिकल्पना समय ( मासिक पत्रिका) का लखनऊ से प्रकाशन प्रारम्भ हो गया है, यह रहा उसका प्रवेशांक :

इस पत्रिका के एक अंक की सहयोग राशि है 20/- तथा वार्षिक 240/- , वटवृक्ष के आजीवन सदस्यों को यह पत्रिका आजीवन बिना किसी शुल्क के निरंतर प्राप्त होती रहेगी ।

() चलते-चलते एक और सूचना दे दूँ कि प्रत्येक वर्ष 51 ब्लोगर्स को परिकल्पना सम्मान प्रदान किया जाता रहा है, जिसका निर्वाह इस वर्ष भी किया जाना है, किन्तु उसमें कुछ परिवर्तन किए जा रहे हैं । पहली बार हिन्दी के मंच पर कुछ क्षेत्रीय भाषाओं के ब्लॉगर का भी सम्मान किया जाना है । कुछ वरिष्ठ हिन्दी साहित्यकार व ब्लॉगर को विशेष सम्मान भी दिया जाना है आदि-आदि । इस वर्ष के परिकल्पना सम्मान की उद्घोषणा अगले सप्ताह होने जा रही है, जिन्हें आगामी 13-14 सितंबर में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉग सम्मेलन काठमाण्डू में सम्मानित किया जाएगा ।

उपरोक्त से संवन्धित किसी भी प्रकार का पत्राचार कृपया इस मेल पर ही करें :

शनिवार, 18 मई 2013

किस बात की चर्चा करें आज के परिवेश मेँ ?



आज हरिभूमि के पेज चार पर ........

बृहस्पतिवार, 9 मई 2013

बड़ा बनूंगा, बूढ़ा होकर मैं नहीं मरूंगा (कविता)


मौत को अब तू मनाना सीख ले
बुलाए मौत तुरंत जाना सीख ले

मैं तैयार हूं
आ मौत, कर मेरा सामना
मैं नहीं करूंगा तुझे मना
डर कर नहीं लूंगा नाम तेरा
जानता हूं, मारना ही है काम तेरा
डराना भी तूने अब सीख लिया है
डरना नहीं है, जान ले, काम मेरा
आए लेने तो करियो मौत
पहले तू सलाम
कबूल करूंगा सलाम तेरा, नहीं डरूंगा
भय की भीत पर भी मैं नहीं चढूंगा

बड़ा बनूंगा, आदर करूंगा
अनुभव रचूंगा
सिर्फ बूढ़ा होकर
मैं नहीं मरूंगा
सबकी अच्छाइयों को दूंगा विस्तार
भलाई को सबकी हरदम तैयार
सद्विचारों के साथ शिखर की ओर बढूंगा
ज्ञान को दूंगा सदा सम्मान
अच्छाइयां सबकी अपनाऊंगा मैं
उम्र, रुतवे, जलवे से नहीं
किसी के कभी घबराऊंगा
कौन हूं, क्या होऊंगा और क्या बनूंगा
कर्मों से सदा मैं यह साबित करूंगा
बुराइयां, बदनियतियां सबकी जाहिर करूंगा
नहीं डरूंगा, नहीं डरूंगा, नहीं डरूंगा
न डराऊंगा किसी को कभी
मदद करूंगा, देने पड़े निज प्राण भी
प्राणी हित में सहर्ष अर्पण करूंगा।

कर लिया है तय
डर कर मैं एक बार भी नहीं मरूंगा
मारना चाहेगी तू मुझे मैं तब भी नहीं डरूंगा
मरूंगा, तैयार हूं मरने को
लेकिन जी हुजूरी
कभी नहीं करूंगा
न मौत की
न बीमारी की
न सुखों को काटने वाली आरी की।

दुखों से करूंगा प्यार मैं, यारी करूंगा
लेकिन उधार लेकर नहीं मरूंगा
नियम यह मैंने तय किए हैं
तुझे न हों पसंद
नहीं पड़ता अंतर
जीवंतता से जीने का
यही है मेरा कारगर मंतर।

बृहस्पतिवार, 2 मई 2013

अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉग सम्मेलन काठमाण्डू में होना तय, चल रहे हैं न आप ?

न्यू मीडिया और हिंदी का वैश्विक परिदृश्य
दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय परिसंवाद
काठमाण्डू,13-14 सितंबर 2013
(द्वितीय घोषणा)
परिसंवाद स्वरुप :
जैसा कि आप सभी को विदित है कि न्यू मीडिया और हिंदी का वैश्विक परिदृश्य विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय परिसंवाद का आयोजन 13-14 सितंबर 2013 को काठमाण्डू में किया जा रहा है । यह परिसंवाद चार सत्रों में सम्पन्न होगा, जिसमें मुख्य प्रतिपाद्य विषय “न्यू मीडिया और हिंदी का वैश्विक परिदृश्य” पर नीचे अंकित उप विषयों पर वैचारिक मंथन सत्रों के साथ ही दो सत्र उल्लेखनीय ब्लॉगरों के सम्मान और सम्मिलन का भी होगा ।

जो प्रतिभागी इस परिसंवाद में अपना शोध आलेख प्रस्तुत करना चाहते हैं, उनसे अनुरोध है कि वे निम्नलिखित विषय सूची से विषय चुनकर संयोजक को parikalpana.samay@gmail.com पर 25 जून 2013 तक भेज दें ।शोधलेख यूनिकोड/मंगल में टंकित करके वर्ड फ़ॉर्म मे ई मेल द्वारा भेजें। प्राप्त शोध आलेखों का मूल्यांकन एक समिति करेगी और स्वीकृति की सूचना शीघ्र दे दी जायेगी। उक्त के अतिरिक्त पशुपतिनाथ,बोद्धनाथ, स्वयंभूनाथ, दरवार स्क्वायर आदि प्रमुख पर्यटन स्थलों का आधे दिन का दृश्यावलोकन भी समाहित होगा।

आवासीय व्यवस्था :
आवासीय व्यवस्था तीन दिन दो रातों की होगी और इस दौरान प्रतिभागियों को नाश्ता-खाना और कार्यक्रम स्थल तक जाने -आने हेतु वाहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ।आवासीय एक कमरा तीन लोगों के लिए होगा । पंजीकृत प्रतिभागी यदि पति-पत्नी हैं तो उन्हें एक कमरा उपलब्ध कराया जाएगा।

उप विषय :
1. हिन्दी ब्लॉगिंग की दशकीय यात्रा और वर्तमान स्थिति
2. व्यक्तिगत पत्रकारिता और न्यू मीडिया
3. वेब मीडिया और हिंदी : एक बिहंगावलोकन
4. हिंदी के विकास में वेब मीडिया का योगदान
5. भारत में इन्टरनेट के विकास में क्षेत्रीय भाषाओं की भूमिका
6. वेब मीडिया और सोश्ल नेटवरकिंग साइट्स
7. वेब मीडिया और अभिव्यक्ति का लोकतन्त्र
8. वेब मीडिया और प्रवासी भारतीय
9. हिंदी ब्लागिंग दिशा, दशा और दृष्टि
10. इंटरनेट जगत में हिंदी की वर्तमान स्थिति
11. हिंदी भाषा के विकास से जुड़ी तकनीक और संभावनाएं
12. इन्टरनेट और हिंदी ; प्रौद्योगिकी सापेक्ष विकास यात्रा
13. ब्लॉगिंग में नेपाली भाषा और नेपाल
14. हिंदी ब्लागिंग पर हो रहे शोध कार्य
15. भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं की वेब पत्रकारिता
16. भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं की ई पत्रिकाएँ
17. हिंदी के अध्ययन-अध्यापन में इंटरनेट की भूमिका
18. ब्लॉगिंग से जुड़े महत्वपूर्ण साफ्टव्येर
19. हिंदी टंकण से जुड़े साफ्टव्येर और संभावनाएं
20. सोश्ल मीडिया और हमारा समाज
21. सोश्ल नेटवर्किंग का अभिप्राय और उद्देश्य
22.सोश्ल मीडिया और अभिव्यक्ति के खतरे
23. न्यू मीडिया बनाम सरकारी नियंत्रण की पहल
24. वेब मीडिया ; स्व्तंत्रता बनाम स्वछंदता
25. इन्टरनेट और कापी राइट
26. न्यू मीडिया और हिंदी साहित्य
27. न्यू मीडिया पर उपलब्ध हिंदी की पुस्तकें
28. हिंदी, न्यू मीडिया और रोजगार
29. भारत में इन्टरनेट की दशा और दिशा
30. हिंदी को विश्व भाषा बनाने में तकनीक और इन्टरनेट का योगदान
31. बदलती भारतीय शिक्षा पद्धति में इन्टरनेट की भूमिका
32. न्यू मीडिया में आम आदमी का लोकतन्त्र
33. सामाजिक न्याय दिलाने में न्यू मीडिया का योगदान
34. भारतीय युवा पीढ़ी और इन्टरनेट
35. न्यू मीडिया और दलित विमर्श
36. हिन्दी ब्लॉगिंग और अभिव्यक्ति की आज़ादी
37. हिन्दी ब्लॉगिंग और समाज का बदलाव
38. क्षेत्रीय भाषाओं में न्यू मीडिया की सार्थकता
39. न्यू मीडिया की ई-पत्रिकाएँ
40. भारतीय समाज में सोश्ल मीडिया की सार्थकता


पंजीकरण :

  • पंजीकरण शुल्ककाठमाण्डू / स्थानीय प्रतिभागियों के लिए 1100/ रूपये
  • बाह्य प्रतिभागियों के लिए4100/ रूपये है । बाहर से आनेवाले प्रतिभागियों के आवास और भोजन की व्यवस्था आयोजक पूर्व सूचना के आधार पर ही सुनिश्चित करेगा । परिसंवाद का उद्घाटन सत्र 13 सितंबर 2013 को अपराहन 2 बजे शुरू होगा । पंजीकरण एवं जलपान का समय सुबह 9.30 से 11.30 तक रहेगा ।
  • पंजीकरण शुल्क यदि चेक या ड्राफ्ट से भेजना चाहते हैं तो उसे "परिकल्पना समय" के नाम और प्येबुल एट लखनऊ बनवाते हुये निम्न पते पर अपने वायोडाटा और आलेख के साथ भेज दें :
  • पता इसप्रकार है : परिकल्पना समय,एस एस-107, सेक्टर-एन-1,संगम होटल के पीछे,अलीगंज, लखनऊ-226024 (उ. प्र.)

इस परिसंवाद से जुड़ी कुछ बातों को स्पष्ट करना चाहूँगा,जो अधिकांश प्रतिभागी फोन और पत्र द्वारा जानना चाहते हैं ।
  • इस अंतर्राष्ट्रीय परिसंवाद में सहभागी हो रहे किसी भी प्रतिभागी को किसी प्रकार का यात्रा व्यय हम प्रदान नहीं करेंगे ।
  • प्रपत्र प्रस्तुत करेने के लिए भी कोई मानधन हम प्रदान नहीं करेंगे ।
  • काठमाण्डू के बाहर से आनेवाले प्रतिभागियों को अपना पंजीकरण 13 अगस्त के पूर्व सुनिश्चित करना होगा।
  • काठमाण्डू के बाहर से आनेवाले प्रतिभागियों का सेमिनार के दिन पंजीकरण नहीं किया जाएगा और ना ही उन्हे परिसंवाद में सम्मिलित होने की अनुमति दी जाएगी ।
  • प्रकाशित होने वाली पुस्तक अथवा विशेषांक में सभी प्रतिभागियों के आलेख सम्मिलित नहीं किए जाएंगे ।
  • आप के आलेख को छापने या न छापने के निर्णय को लेने के लिए परिकल्पना समय स्वतंत्र है ।
  • आवास की व्यवस्था 13-14 सितंबर 2013 और 15 सितंबर की सुबह 10 बजे तक के लिए ही है और सिर्फ पूर्व पंजीकृत प्रतिभागियों के लिए ।
  • प्रतिभागियों को परिसंवाद के अतिरिक्त नान ए सी डीलक्स कोच से आधे दिन का दृष्यवलोकन भी कराया जाएगा, जिसमे पशुपतिनाथ,बोद्धनाथ, स्वयंभूनाथ, दरवार स्क्वायर आदि होंगे
  • इन सभी स्थानों पर प्रवेश शुल्क प्रतिभागियों को स्वयं वहन करना होगा ।
ब्लागिंग के इस स्वर्णिम पड़ाव पर सहभागी बनने को आप आमंत्रित हैं!

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