tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357Thu, 10 May 2012 14:35:12 +0000एक्सीडेंटट्रांसफ़रसमझस्वागतसीडीघूसदीवाली मेलाखातानौकरीपड़ोसीबचपनकिराएदारवी।आई.पी. ड्यूटीगाँवमँहगाईफ़ायर ब्रिगेडमायावतीभीड़सैटिस्फैक्शनप्रकाशन स्टॉलहॉबीसीखसरकारी नौकरीकाश्मीरएलाउडदो हाथजी.पी.एफ.सरकारीछात्रड्राइवरऔरतमारवाड़ीमुख्य अतिथिस्कूलबाबूखैरियतकंपीटीशनआतंकवादीसुख-दुखरिटायरअस्पतालभ्रष्टाचारसिक्योरिटी गार्डमाता पिताविज्ञापनखरीदीनेताभजन मंडलीलड़कियाँभाइयोंझूठमास्टरएंट्रीभाषणबूढ़ी माँकार्रवाईराम मनोहर लोहियाकलाकारपुलिसकर्मी बर्खास्तअफ़सरसेक्रेटरीरूचिशास्त्रीपति त्यागप्रिंटरबिज़नेसक्लेमशिक्षा विभागसिंधीघूँघटलीडरशिपप्रिंसिपलभूलभुलैयाविदेशहेल्पलाइनक्रिकेटनियमआशूपूछताछसिंड्रेलामशीनकैरियर सलाहसरकारी भांडब्राह्मणबेटापरवाहबिज़नेस का नुसख़ाविधायकसादा जीवनअपराधकिशोर कुमारसरकारी प्रकाशनकार्टूनशादीहरियाणाशिक्षकगेटलड़केफ़र्जदुनियादारीधोखासब्रसाहबभैयाजुलूसपुलिसकिसानसलाहधर्म का कामसरपंचमहिलालता मंगेशकरअधिकारीउल्टाखेलकूदऑफिसविद्यार्थीइंसानियतपत्रकारग्रामीणमददई.एल.चेकसहायताबेकारीकलापथकनगर निगमघरेलू इस्तेमालपब्लिक डीलिंगधोनीसीधामक़ानकैशियरऔपचारिकताबायोडाटामानसिकतागैराजतारीफ़नाचापंचायतबैंककुँआराकिरायाकन्याकुमारीग़रीबभक्तिरिकॉर्डिंगकैरियरदशहरावैष्णोदेवीपानी मोटरमरदब्लूलाइनप्राइवेटघटियापी-एच.डी. यूनिवर्सिटीरामकथाराजा बेटासरकारी गाड़ीपत्नीसाँई बाबाग्राहकसमाज सेवासिनेमाहॉलसाहब की पत्नीशास्त्रकर्मआनंद का चिट्ठा - Anand's Blogकॉपीराइट सुरक्षितhttp://anand-ka-chittha.blogspot.com/noreply@blogger.com (आनंद)Blogger38125tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-7705788128205878982Wed, 06 Aug 2008 16:33:00 +00002008-08-06T22:13:13.939+05:30सीडीआशूखेलकूदसिंड्रेलालीडरशिपबचपनकार्टूनकहीं आपको लीडरशिप के गुर सिखाने वाली कोई सीडी मिले तो बताना ज़रूर...!पिछले हफ़्ते आशू 'साला' बोलना सीख आया। हम पैरेंट्स के लिए यह बड़ा कठिन समय है। कोई एक परेशानी हो तो कहूँ। और पिछले हफ़्ते तो आशू कहीं से 'साला' सीखकर आ गया है। पहले मैं आपको अपना परिचय देता हूँ। मेरा नाम आर.एल. श्रीवास्तव है, हाईस्कूल में लेक्चरर के पोस्ट पर हूँ। मैं खुद पोस्ट ग्रेजुएट हूँ इसलिए नॉलेज का महत्व समझता हूँ। आज के दौर http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2008/08/please-inform-if-you-find-cd-of.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)25tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-8099620338141797533Thu, 28 Feb 2008 18:29:00 +00002008-02-29T07:13:02.073+05:30पी-एच.डी. यूनिवर्सिटीसलाहनौकरीदेने के लिए मेरे पास सलाह के अलावा कुछ है भी नहीं.......!इस देश में बेरोज़गारी बहुत बढ़ गई है। आजकल एक से बढ़कर एक इंटैलिजेंट बच्चे नौकरी की तलाश में मारे-मारे फिर रहे हैं। योग्यता का कोई मोल नहीं रह गया। आप आठवीं-दसवीं पास चपरासी के लिए विज्ञापन दीजिए, तो बी.एस-सी., एम.एस-सी. पास लोगों की लाइन लग जाती है। सही आदमी चुनना बड़ा कठिन हो जाता है। ऊपर से सोर्स सिफ़ारिश भी इतनी तगड़ी, कि समझ में http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2008/02/i-dont-have-anything-except-advise.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)13tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-5674859803731729079Wed, 13 Feb 2008 17:53:00 +00002008-02-14T07:33:14.296+05:30सिनेमाहॉलभूलभुलैयाधोखापति त्यागऔरतमरदपरवाहजो मरद अपनी औरत को “भूलभुलैया” नहीं दिखा सकता, वह किस काम का...?मेरा नाम रामरत्ती बाई है। मैं दिशापुर गाँव में रहती हूँ। हमारे दिशापुर में कई आफिस हैं जिनमें बड़े-बड़े अफसर नौकरी करते हैं। मैं इन अफसरों के घरों में झाड़ू बरतन करती हूँ। पहले मैं मज़दूरी करती थी। मज़दूरी में पैसा तो अधिक था, पर काम रोज़ रोज़ नहीं मिलता था। झाड़ू-बरतन, एक तो महीने भर का काम है और दूसरे इसमें पैसा बँधा-बँधाया मिलता है। http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2008/02/man-who-cant-show-film-to-his-wife.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)6tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-3743702807303891141Mon, 28 Jan 2008 19:04:00 +00002008-01-29T00:44:02.360+05:30कंपीटीशनकिशोर कुमारब्लूलाइनभैयाड्राइवरलता मंगेशकरएक्सीडेंटकृपया चलती गाड़ी से न उतरें....!पिछले हफ़्ते हमारी बस का स्टीरियो फिर खराब हो गया था। कई दिनों तक उसे ठीक करवाने का टाइम नहीं मिला। परसों लंच टाइम में पहले स्टीरियो ठीक करवाया फिर लंच किया। जोगेंदर जल्दी मचाने लगा तो लंच आधे में छोड़ना पड़ा। कंपीटीशन के चक्कर में आजकल अपना खाना-पीना सब हराम हो गया है। दस दिन पहले ऐसे ही आगे निकलने के कारण बदरपुर में दो बसें आपस मेंhttp://anand-ka-chittha.blogspot.com/2008/01/kripaya-chalati-gaadi-se-na-utaren.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)3tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-4205581375743945689Mon, 21 Jan 2008 17:15:00 +00002008-01-21T22:50:40.735+05:30झूठबूढ़ी माँविदेशराजा बेटाहे भगवान! मेरे बेटे को सलामत रखना....!पिछले हफ़्ते ही मेरा बेटा राजा कनाडा से वापस लौटा। इस बार पूरे तीन साल बाद लौटा। हमारा इकलौता बेटा था, वह कब बड़ा हुआ, कब विदेश जाने के सपने देखने लगा, पता ही नहीं चला। अपने दोस्तों के साथ ही सारा इंतज़ाम कर लिया और जब सब-कुछ तय हो गया, पैसे की ज़रूरत पड़ी, तब हमें बताया। उस रात सब ख़ामोश थे। किसी ने आपस कोई बात नहीं की। राजा के पापा नेhttp://anand-ka-chittha.blogspot.com/2008/01/he-bhagwan-mere-bete-ko-salamat-rakhana.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)5tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-3437247894920898055Thu, 17 Jan 2008 04:14:00 +00002008-01-18T08:35:35.753+05:30साँई बाबाधर्म का कामई.एल.बाबूजी.पी.एफ.नौकरीघूससाहबऑफिसभगवान के काम में तेरा एहसान नहीं चाहिए.....!जय साँईं राम। इस बार पंद्रह दिन के लिए शिरडी जाकर सेवा देने का कार्यक्रम पक्का है। सारी दुनियादारी से दूर पूरे पंद्रह दिन सत्संग और सेवा में बिताने का मौका मिलेगा। सभी ताज्जुब करते हैं कि भाई जवाहर, तुम ऐसा कैसे कर लेते हो? मैं मुस्कुरा देता हूँ। प्रभु की कृपा हो तो हर काम संभव हो जाता है। मेरा नाम जवाहरलाल शर्मा है। मैं नवगाँव में http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2008/01/bhagwan-ke-kam-mein-tera-ahsan-nahin.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)1tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-5661649833001110372Sun, 13 Jan 2008 04:12:00 +00002008-01-13T13:37:50.165+05:30फ़ायर ब्रिगेडविधायकवी।आई.पी. ड्यूटीनगर निगमपानी मोटरइतनी समझदारी तो वी.आई.पी. लोगों में होनी ही चाहिए....!मेरा नाम सत्यनारायण वर्मा है, मंडला के फ़ायर ब्रिगेड स्टेशन में ड्राइवर हूँ। काम बड़े जोखिम का है इसलिए हमारी स्पेशल ट्रेनिंग भी होती है। हमें पूरी तरह से मुस्तैद रहने की ट्रेनिंग दी जाती है। कई बार तो अभ्यास के लिए ड्रिल भी होती है। हमारी ड्यूटी चौबीसो घंटे की होती है, पर भगवान की दया से यहाँ आग लगने की घटनाएँ नहीं होती। यहाँ फ़ायरhttp://anand-ka-chittha.blogspot.com/2008/01/vip-must-have-some-common-sense.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)4tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-5937545348386842914Sun, 16 Dec 2007 05:56:00 +00002007-12-16T11:37:31.371+05:30सरकारी प्रकाशनप्रकाशन स्टॉलकार्रवाईदीवाली मेलाआधिकारिक आदेशों पर तुरंत कार्रवाई करो_______!आज हमारे प्रकाशन विभाग में एक पत्र आया कि दीपावली मेले में दो दिन की प्रदर्शनी लगने वाली है, उसमें अपने प्रकाशन का स्टॉल लगाना है और किताबें प्रदर्शित करनी है। पत्र इंचार्ज के नाम आया और उन्होंने आवश्यक कार्रवाई के लिए मेरे पास भेज दिया। किसी प्रदर्शनी में अपना स्टॉल लगाने का मतलब है पूरा सिरदर्द। इसमें क्या कम काम होता है? किताबों http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/12/take-quick-action-on-official-letters.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)2tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-6688789267903067595Mon, 03 Dec 2007 03:58:00 +00002007-12-03T09:31:38.545+05:30प्राइवेटसलाहबायोडाटानौकरीहॉबीरूचिसरकारीबायोडाटा ऐसा बनाओ कि नौकरी देने वाला विवश हो जाए _____!आपने गौर किया होगा कि जब से प्राइवेट तथा मल्टीनेशनल कंपनियों का ज़ोर बढ़ा है, हमारे यहाँ नौकरियों में भर्ती की प्रणाली में काफ़ी बदलाव आ गया है। पहले इम्तहान के नंबरों के आधार पर सीधे फैसला ले लिया जाता था। इंटरव्यू होते भी थे, तो नाम-मात्र के। अब सरकारी कंपनियों में भी लोग इंटरव्यू और स्मार्टनेस को बहुत महत्व देने लगे हैं। मेरा http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/12/prepare-biodata-in-such-way-that.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)8tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-8655924693083076140Wed, 28 Nov 2007 02:16:00 +00002007-11-28T07:50:37.253+05:30एंट्रीस्कूलसिक्योरिटी गार्डप्रिंसिपलएलाउडगेटयहाँ अंदर आना एलाऊड नहीं है_____!मुझे बहुत ख़ुशी हुई जब मेरी नौकरी लगी थी। पैसा तो कम है, महीने भर का 3000 रूपया यानि कि रोज़ाना के 100 रूपए। मालिक कहता है कि ईमानदारी से काम करो तो आगे पैसा बढ़ा देगा। मैं भरतकुमार थपलियाल, गढ़चिरौली का रहने वाला हूँ। दोस्तों के पास दिल्ली घूमने आया था और फिर ऐसा मन लगा कि यहीं रह गया। यहाँ दिल्ली में हमारे आसपास के गाँवों के बहुत http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/11/entry-is-not-allowed.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)8tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-230876010022255557Thu, 22 Nov 2007 15:15:00 +00002007-11-22T20:49:33.640+05:30महिलाऔरततारीफ़कैरियर सलाहतारीफ़ करो लेकिन संभलकर______ !मैं कैलाश वर्मा, डिग्री कॉलेज यमुनानगर में अर्थशास्त्र का लेक्चरर हूँ। आज अर्थशास्त्र विषय की बहुत पूछ है। पहले ऐसा नहीं था। पहले जो लड़का पढ़ाई में कमज़ोर होता था किसी तरह डिग्री पूरी करने के लिए अर्थशास्त्र विषय ले लिया करता था। परंतु मैं ऐसे लोगों में शामिल नहीं था। मैं चाहता तो आसानी से साइंस या कोई अन्य विषय मिल सकता था, परंतु http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/11/do-appreciate-but-be-careful.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)2tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-504391858002057926Wed, 14 Nov 2007 15:18:00 +00002007-11-14T20:54:48.925+05:30सेक्रेटरीसरकारी गाड़ीघरेलू इस्तेमालसाहब की पत्नीड्राइवरहनुमान जी क्षमा करें, पापी पेट का सवाल है____!मेरा नाम रामशरण है। फिलहाल मैं मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी साहब का ड्राइवर हूँ। फिलहाल इसलिए कह रहा हूँ हम ड्राइवरों का तबादला होता रहता है। कभी एक सेक्रेटरी के पास कभी दूसरे डिप्टी सेक्रेटरी के पास। मंत्रालय में सेक्रेटरियों की कमी नहीं है, अलबत्ता ड्राइवरों की कमी ज़रूर है। हम हैं तो ड्राइवर, पर साहब लोग उम्मीद करते हैं कि हम http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/11/hanuman-ji-forgive-me-it-is-matter-of.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)5tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-4901282907518853903Mon, 12 Nov 2007 04:15:00 +00002007-11-12T09:56:13.960+05:30कैरियरबेटाधोनीमाता पिताक्रिकेटधन्यवाद धोनी, आपने अपने बाल कटा लिए _____!चित्र साभार: शरत जायसवाल मेरा नाम श्यामनारायण शिवहरे है। मध्यप्रदेश में उज्जैन का रहने वाला हूँ और यहाँ के डिग्री कॉलेज में रसायन विज्ञान का प्रोफ़ेसर हूँ। छोटा परिवार सुखी परिवार है और ईश्वर की कृपा से तनख्वाह भी अच्छी ख़ासी है, मज़े से गुज़ारा हो जाता है। मेरा एक बेटा है जो इस समय दसवीं बोर्ड की परीक्षा में बैठ रहा है। कद-काठी http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/11/thank-you-dhoni-you-got-hair-cut.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)2tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-2066637752599455820Wed, 07 Nov 2007 17:08:00 +00002007-11-07T22:58:58.449+05:30सिंधीखैरियतबिज़नेसबिज़नेस का नुसख़ामारवाड़ीऔपचारिकताभागचंद मारवाड़ी को बिज़नेस का नया नुस्ख़ा मालूम नहीं है ___!मेरा नाम साजन कुमार सिंधी है। पढ़ाई 10वीं से अधिक नहीं चल पाई, पढ़ने में मन नहीं लगता था, और कुछ घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी इसलिए सीधे बिज़नेस में लग गया। मेरा गुपचुप (पानी-पुरी) और चाट का छोटा सा बिज़नेस है। शाम-शाम में ही अच्छी कमाई हो जाती है। मेरी साथ के पढ़े लिखे लड़के बी.ए., एम.ए. कर अभी भी घूम रहे हैं, उनकी नौकरी का http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/11/bhagchand-marwari-is-not-aware-of-new.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)5tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-570091770459009878Sun, 04 Nov 2007 17:08:00 +00002007-11-04T22:42:13.743+05:30विज्ञापनबिज़नेसपत्रकारसीधाउल्टाउल्टे का उल्टा सीधा होता है____!मेरा नाम शिवशंकर झा है। मैं प्रयोगशालाओं में काम आने वाले उपकरणों को बनाने वाली विश्वविख्यात कंपनी "ट्राइसन" की भारतीय इकाई में एरिया असिस्टेंट मैनेजर हूँ। आप कभी गुड़गाँव स्थित हमारे ऑफिस आइए। आपको एक पूरा कारपोरेट वर्ल्ड दिखाई देगा। अव्वल दर्जे की फ़र्निशिंग, अव्वल दर्जे के सोफ़े-कालीन और अव्वल दर्जे का स्टाफ। हम अपने फ़ील्ड http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/11/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)6tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-8732640786415121629Thu, 01 Nov 2007 18:19:00 +00002007-11-01T23:55:20.484+05:30सरकारी भांडकलाकारकलापथकभजन मंडलीनाचाएक कलाकार ही दूसरे कलाकार का दर्द समझता है____!मेरा नाम बजरंगी देवांगन, कलापथक प्रमुख, रायपुर का रहने वाला हूँ। कलापथक ऐसी सरकारी कला मंडली होती है जो सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार करती है। मुझे तो पता ही नहीं था कि ऐसी भी कोई सरकारी नौकरी होती है जिसमें काम गाने बजाने का हो। मुझे शुरू से ही गाने बजाने का शौक़ था। मेरी तो लाटरी ही लग गई थी। हमें http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/11/artist-only-can-understand-artists-pain.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)7tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-6200932980935158366Tue, 30 Oct 2007 11:34:00 +00002007-10-30T17:08:26.589+05:30सरफ़रोशी की तमन्ना दिल में ही रह गई ____!मेरा नाम विनायक अहिरवार है, पेशा राजनीति, रीवा मध्यप्रदेश कर रहने वाला हूँ। सभी भाई बहन अपने अपने ठिकाने लग गए हैं। ठिकाने लगने का मतलब है कि भाई अपने पैरों पर खड़े हो गए हैं, बड़े की नौकरी तो पहले से ही थी, छोटा कपड़ों का बिज़नेस करता है। दोनों बहनों की शादी हो http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/10/desire-of-sarfaroshi-remain-in-heart.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)9tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-720200849786157927Thu, 25 Oct 2007 12:48:00 +00002007-10-27T08:07:27.016+05:30विद्यार्थीछात्रघटियाशिक्षकमानसिकताछोटे शहर की छोटी मानसिकता_____मेरा नाम डी.पी. यादव है, एम.ए., एम.एस-सी., बी.एड. हूँ और सिहोरा के शासकीय हाई स्कूल में शिक्षक हूँ। सिहोरा शहर काफ़ी तेज़ी से विकास कर रहा है। अब तो यहाँ एम.एस-सी. तक का कॉलेज, दो हाई स्कूल, तथा एक गर्ल्स हाई स्कूल, दो प्राइवेट नर्सिंग होम, एक स्टेडियम, एक आई.ए.एस. कोचिंग सेंटर भी खुल गया है। यहाँ से पढ़े बच्चे देश भर में अपने http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/10/small-town-small-mentality.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)5tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-7530793086704268483Tue, 23 Oct 2007 03:31:00 +00002007-10-23T09:44:27.748+05:30मुख्य अतिथिस्वागतदशहरासमाज सेवानेताराम! बस दस मिनट और रूको _____मैं संजयनगर दशहरा समिति का अध्यक्ष मनोहरलाल बोल रहा हूँ। जितने भी दर्शक आए हैं शांति बनाए रखें और वह आतिशबाजी का आनंद लें। भगवान राम भी अपनी वानर सेना के साथ मैदान में पधार चुके हैं। रावण दहन शीघ्र ही किया जाएगा। मंच पर हमारे मुख्य अतिथि श्री राजेश पटेल और उनके छोटे भाई विवेक पटेल, दोनों आ चुके हैं। श्री राजेश पटेल मेरे बड़े भाई जैसे http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/10/ram-please-wait-for-ten-minutes.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)9tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-7755138761668923851Sat, 20 Oct 2007 17:21:00 +00002007-10-20T22:54:19.809+05:30सरकारी नौकरीशिक्षा विभागअधिकारीट्रांसफ़रशिक्षकमास्टर"ट्रांसफ़र का काम है" कहना पर्याप्त नहीं है ____मेरा नाम सेवाराम है। शिक्षा विभाग में नौकरी करता हूँ। नहीं जी, मास्टर (शिक्षक) नहीं हूँ। ऐसी किस्मत कहाँ। मैं तो मामूली सा क्लर्क हूँ। पोस्टिंग जिला शिक्षा विभाग मुख्यालय, होशंगाबाद में जिला शिक्षा अधिकारी के साथ है। मेरे नाम की तरह ही मेरा काम भी सेवा करने का है। मुझे शिकायत है कि आजकल लोग अपने कामों को लेकर काफ़ी लापरवाह हो गए हैं।http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/10/transfer-related-work-only-is-not.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)5tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-8116319044562105026Thu, 18 Oct 2007 16:58:00 +00002007-10-18T22:34:00.931+05:30इंसानियतसहायतासुख-दुखपड़ोसीमददफ़र्जमैं सच्चे दिल से ठाकुर साहब की मदद करना चाहता हूँ___मैं पड़ोसियों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहता हूँ। बाल-बच्चेदार आदमी हूँ। सुख-दुख तो लगा रहता है। जब हम किसी के काम आएंगे तभी तो कोई हमारे भी काम आएगा। यदि कोई हमारे काम न भी आए तो क्या हुआ, इंसानियत के नाते हमारा जो भी फ़र्ज बनता है, उसे पूरा करना चाहिए।मैंने एक उसूल बना लिया है। जहाँ भी मौका मिले मदद करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/10/i-want-to-help-mr-thakur-by-my-heart.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)5tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-2865056680832114647Tue, 16 Oct 2007 17:37:00 +00002007-10-17T08:14:57.361+05:30सरकारी नौकरीक्लेमरिटायरकैशियरचेकजुलूसमेरे घर में जो कलेश होगा, उसका कौन जिम्मेदार है___?आज मैं कैशियर की पोस्ट से रिटायर हो रहा हूँ। मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है, कि अब मैं अपना पूरा समय बच्चों के साथ बिता सकता हूँ। इस विदाई पार्टी में मेरी पत्नी नहीं आ सकीं, परंतु मेरे दोनों बेटे तथा दामाद आए हुए हैं। वह जो कैमरे से फोटो खींच रहा है, मेरा बड़ा लड़का है। मैं बहुत आभारी हूँ कि आप लोगों ने कोई ऐसा-वैसा चुटकुला नहीं सुनाया है।http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/10/who-will-be-responsible-for-these.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)4tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-2537746858136407429Sun, 14 Oct 2007 12:58:00 +00002007-10-14T18:36:31.605+05:30लड़कियाँबेकारीकुँआराहरियाणाखरीदीशादीमँहगाईइतनी मँहगाई में नया प्यार कहाँ मिलेगा____मेरा नाम सुरेंदर है। हमारा गाम दसरतपुर हरियाणा में पड़ता है जी। हमारे गाँव में बेकारी बहुत है। मेरा मेन काम तो लोहार का है। मैं अपनी दुकान को वर्कशॉप कहता हूँ। अब आप ही बताओ, जिस दुकान में लोहे का काम होता हो, उसे वर्कशॉप कहना क्या गलत है। आज मैं आपको अपना दुख बताता हूँ जी। मेरी आधी उमर हो गई पर मेरे माँ बाप ने मेरी शादी ना करी। कहते http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/10/how-can-i-get-new-love-in-this.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)4tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-8407312392713018632Fri, 12 Oct 2007 19:07:00 +00002007-10-13T00:43:26.070+05:30सादा जीवनब्राह्मणशास्त्रीभक्तिशास्त्ररामकथाहम कथा कीर्तन करने वाले लोग हैं, हमारा रहन-सहन बिलकुल सादा है....मेरा नाम हरिशरण शास्त्री है। अब आपसे क्या छिपाना, शास्त्र वगैरह की कोई उपाधि नहीं मिली है। जाति से शर्मा ब्राह्मण हूँ। रामकथा कहता हूँ तो भक्तजनों ने स्वयं ही शास्त्री कहना प्रारंभ कर दिया, तो ठीक है। जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। आप हमें प्रेम से जिस नाम से पुकारें, उसी नाम से हम आपकी सेवा में हाजिर हो जाएंगे। http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/10/we-are-preachers-and-saints-our-life-is.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)4tag:blogger.com,1999:blog-3518304380832729357.post-815587183365419898Thu, 11 Oct 2007 03:04:00 +00002007-10-11T08:35:47.783+05:30कंप्यूटर चलाना बच्चों का खेल नहीं है___मैं यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर हूँ, रिटायरमेंट के लिए चार साल बचे हैं। अब अपनी बात क्या बताऊँ, यहाँ बड़ी पॉलिटिक्स है। जो टैलेंटेड लोग हैं उन्हें आगे बढ़ने का मौक़ा ही नहीं मिलता। मुझे भी हर क़दम में बड़ी फाइट करनी पड़ी है। अभी दो माह पहले की बात है। डिपार्टमेंट में कंप्यूटर आया। उसे हेड साहब ने अपने कमरे में लगवा लिया जबकि मेरे कमरे http://anand-ka-chittha.blogspot.com/2007/10/computer-handling-is-not-childs-play.htmlnoreply@blogger.com (आनंद)6