ब्लागर महेश कुमार वर्मा के आखिरी संदेश को देखिए। क्या कोई मित्र उनकी मदद कर सकता है ?---
महेशजी का संदेश-------
from ???? ????? ????? : Mahesh Kumar Verma vermamahesh7@gmail.com via blogger.bounces.google.com
to drmandhata@gmail.com
date 3 August 2011 21:11
subject [दिल की आवाज़] अनिश्चित समय के लिए विदा
mailed-by blogger.bounces.google.com
Important mainly because of the people in the conversation.
hide details 21:11 (3 hours ago)
आज-कल मैं अपने ब्लॉग पर नहीं आ रहा हूँ व न ही मैं अन्य किसी के ब्लॉग पर ही जा पा रहा हूँ तथा न ही ब्लॉगर बंधुओं से ही संपर्क हो रहा है. इन सब बातों के लिए मैं सभी ब्लॉगर बंधुओं से क्षमा चाहता हूँ. सच में मेरा लेखन कार्य लगभग बंद हो चूका है और इसका सबसे मुख्य कारण है मेरे पास अपना कंप्यूटर व इन्टरनेट का न होना. अब तक मैं जो भी लेखन कार्य किया वह साइबर कैफे से किया पर बढती मंहगाई में अब साइबर कैफे में बैठकर लिखना मेरे लिए संभव नहीं है. इसके अलावा मैं इधर कई निजी मामलों में भी परेशान हूँ. मैं जहां DTDC Courier & Cargo Ltd, Boring Road, Patna में कार्य कर रहा था वहाँ से मुझे कार्य से निकाल दिया गया है और यह मामला अभी डॉ. अपर्णा, श्रम अधीक्षक, पटना के पास लंबित है और उनके कार्रवाई से मैं संतुष्ट भी नहीं हूँ . इसके अलावा मेरा एक निजी मामला पारिवारिक न्यायालय, सहरसा में है व इसके अलावा घर का मामला भी पड़ा हुआ है. Courier Office से कार्य पर से हटने व 3 -4 माह में भी अब तक श्रम अधीक्षक के द्वारा मामला न सल्टाए जाने के कारण अब मेरे साथ आर्थिक तंगी ऐसी हो गयी है की अब भुखमरी की स्थिति हो गयी है. यदि भुखमरी से मेरी मौत होती है तो इसके लिए जिम्मेवार डॉ. अपर्णा, श्रम अधीक्षक, पटना होंगे जिन्होंने मेरे मामला में सही ढंग से कार्रवाई नहीं की व उनके द्वारा की गयी कार्रवाई से यह स्पष्ट है की उनका नियोजक से सांठ-गांठ हो गया है..............अभी यहाँ विशेष क्या लिखूं? यह भी साइबर कैफे से लिख रहा हूँ.........................
विशेष क्या कहूँ? ............................ अब शायद मेरा लेखन कार्य तब तक प्रारंभ नहीं होगा जब तक की मेरे पास अपना सिस्टम नहीं हो जाए....................... अतः अब आपलोगों से मैं कब मिल पाऊंगा यह मुझे भी नहीं मालुम है. अतः अब मैं अनिश्चित समय के लिए आपलोगों से विदा चाहता हूँ.
आपलोगों के शुभकामनाओं के साथ.
आपका
महेश कुमार वर्मा
मोबाइल : 09955239846
Posted By महेश कुमार वर्मा : Mahesh Kumar Verma to दिल की आवाज़ at 8/03/2011 09:11:00 PM
मैंने यह संदेश महेशजी को लिखा------
महेशजी नौकरी का जाना तो बहुत दुखद खबर है। ईश्वर से दुआ करूंगा कि आपकी नौकरी फिर बहाल हो जाए। ब्लागिंग तो आपस में जुड़ने , कहने, समझने का बेहतर जरिया था मगर अभी जीवन को पटरी पर लाना उससे ज्यादा आवश्यक है। प्रयासरत रहें, नई नौकरी भी मिल जाएगी। जिस ब्लाग से आपने अभी विदा लेने का संदेश दिया है ईश्वर जल्द ही उसी ब्लाग से हमें आपकी वापसी का संदेश सुनाने का रास्ता दे देगा। इसी उम्मीद के साथ आपका शुभचिंतक---- डा. मान्धाता सिंह----कोलकाता।
6 comments:
डाक्टर साहब,
महेश जी की कुछ तो व्यक्तिगत समस्याएँ हैं। जिन से उन्हें स्वयं ही जूझना होगा। लेकिन वे एक परिश्रमी व्यक्ति हैं। वे पटना में हैं। उन की नौकरी इस लिए गई कि उन्हों ने अपने नियोजक के दुर्व्यवहार और न्यूनतम वेतन न देने की शिकायत बिहार के श्रम विभाग को की है। हम जानते हैं कि देश भर के श्रम विभाग सिर्फ मामलों को लटकाते हैं निर्णय नहीं करते। उन की लड़ाई का निर्णय होने में कम से कम एक दो वर्ष लगेंगे।
उन्हें तुरंत दूसरे नियोजन की आवश्यकता है। वे कंप्यूटर पर अच्छा काम कर सकते हैं और किसी भी कार्यालय को चला सकते हैं। वे अखबार में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम कर सकते हैं, विज्ञापन विभाग में भी काम कर सकते हैं। पटना निवासी कोई भी मित्र उन की मदद कर सकता है।
कोई राह अवश्य निकलेगी, धैर्य रखें।
आपकी चिंता जायज़ है। इस बारे में ज़रूर सोचा जाना चाहिए। कुछ कारण तो भाई साहब ने गिना दिए लेकिन एक कारण वह बता नहीं पाए। कुछ लोग परोक्ष-अपरोक्ष रूप से हिंदी ब्लॉगर्स को टिप्पणियां न देने की नीति पर चलकर उनका उत्साह भंग कर देते हैं जबकि किसी ब्लॉगर के बारे में लिखे हुए अपने लेख पर सौ-पचास कमेंट ले जाते हैं। ऐसे में गुणी ब्लॉगर यही सोचता है कि आखि़र यह राज़ है क्या ?
इस राज़ से पर्दा हमने उठाया है, आप भी देखिए-
टिप्पणी के लेन-देन के पीछे छिपी हक़ीक़त को बेनक़ाब होता हुआ देखने के लिए हमने एक कहानी लिखी है
आप क्या जानते हैं हिंदी ब्लॉगिंग की मेंढक शैली के बारे में ? Frogs online
स्थिति दुखद और चिंताजनक है। रोजगारहीनता की स्थितियों से मैं भी गुजरा हूँ इसलिए अच्छी तरह समझता हूँ। यदि वर्मा जी ज्योतिषीय परामर्श चाहें तो निशुल्क मुझसे प्राप्त कर सकते हैं। सेवा बहाली हेतु स्तुति-प्रार्थनाएँ भी मुझ से प्राप्त कर सकते हैं। आपके परिचित हैं तो सूचित कर सकते हैं।
मैं ने भी उन्हें कुछ ऐसा ही मैसेज भेजा था। भगवान से दुआ करते हैं कि उनकी जिन्दगी फ़िर से पटरी पर आ जाए
मैं महेश जी को एक सन्देश देना चाहता हूँ :
क्या एक नौकरी छूट गयी दूसरी नहीं मिलती ..... ऐसा नहीं हो सकता ...... गर आप ब्लोगिंग से जुड़े हैं तो इसका मतलब कम्पुटर अच्छी तरह से जानते है बजाए इसके कि कहीं और नौकरी ढूंढते - आप लेबर कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं - आपकी पूर्व कंपनी का कुछ नहीं बिगडेगा - और आप अपना भविष्य चोपट कर रही हो ...
शीघ्र-अति-शीघ्र = जैसी भी हो - कोई न कोई नौकरी शुरू करो..... और इमानदारी से भाशिवय के प्रति सार्थक और आशापूर्ण रवैय्या रखिये ...
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