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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

ताज़ा टिप्पणियां

Albela Khatri

शाबास अनवर जमाल ! कमाल के छिद्रान्वेषी हो यार, तुमने तो बाप को भी बाप कहने से पहले उनका डीएनए टेस्ट कराया होगा




प्यारे भाई अनवर जमाल,

अक्सर तुम मेरे ब्लॉग पर आ कर, मेरी पोस्ट पर टिप्पणी के


बहाने अपने कुछ लिंक छोड़ते रहते हो, परन्तु स्वामी दयानंद


सरस्वती को तुमने कहीं का नहीं छोड़ा यार. इतनी दुर्गति कर दी

उनकी कि वे ख़ुद आज शर्म के मारे रो रहे होंगे वैकुण्ठ में कि

हाय रे ये क्या किया ..........


शाबास........सत्यार्थ प्रकाश के विवेचन की आड़ में जिस प्रकार

तुमने अपनी लेखनी और चतुराई का दुरूपयोग किया है वह

लाजवाब है . इसके लिए तुम्हें जितना भी पुरस्कार मिला होगा


वह कम होगा . तुम गज़ब के छिद्रान्वेषण करते हो प्यारे, हिन्दू


धर्म और मान्यता की तो तुमने फाड़ कर रख दी........गज़ब की


रिसर्च की यार........तुम्हारी टुच्ची और वैमनस्यपूर्ण आलेख माला


पढ़ते पढ़ते मुझे यकीन हो गया है कि तुम यों ही किसी मान्यता पर


भरोसा नहीं करते होवोगे, जब तक परख नहीं लेते ठोक बजा कर


तब तक तुम एतमाद नहीं करते . इस बिना पर मैं दावे के साथ


कह सकता हूँ कि तुमने तो अपने बाप को भी बाप कहने से पहले


उनका डीएनए टेस्ट कराया होगा और कई जगह करवाया होगा


तब कहीं जा कर बाप को बाप कहा होगा . वैसे कहना मत किसी


से..........अगर नहीं कराया हो तो अभी भी करा सकते हो क्योंकि


स्वामी दयानंद का जो अपमान तुमने किया है वो अलबेला खत्री की

नज़र में आगया है . और संयोग की बात है कि मैंने भी स्वामी दयानंद

का ख़ूब अध्ययन किया है . तो तैयार रहना भाई...मेरी आने वाली एक


पोस्ट आपसे कुछ सवाल करने वाली है .


जय हिन्द !
गीतकार अलबेला खत्री, संगीतकार रामलक्ष्मण और गायक कुमार सानू फिल्म " चिट्ठी आई है" की ऑडियो रिकार्डिंग पर

कोई किसी मुगालते में न रहे....मेरी लोमड़ी से किसी और का कोई सरोकार नहीं है



जल्दबाज़ी यों तो किसी भी काम में अच्छी नहीं होती, लेकिन लेखन के


मामले में यह बहुत ज़्यादा खतरनाक हो जाती है. लोग अर्थ का अनर्थ


निकालते समय नहीं लगाते. ऐसा ज्ञान मुझे आज सुबह सुबह तब प्राप्त


हुआ जब मैंने कंप्यूटर ऑन किया . देखा तो "लोमड़ी" वाली पोस्ट के


लिए बहुत सारी ऐसी टिप्पणियां मिलीं जो मेरी पोस्ट के लिए हो ही


नहीं सकती थीं . मैंने सबको रोक दिया और हमारी वाणी का एक


चक्कर लगाया तो समझ आया कि कुछ लोग आल रेडी किसी के पीछे


पड़े हुए हैं और ख़ुद को बाघ-घाघ कहते हुए किसी तथाकथित लोमड़ी

को घेरने के उपक्रम में व्यस्त हैं .



अब ये दुर्संयोग है कि मेरी पोस्ट भी लोमड़ी शीर्षक से आई और उन


लोगों ने समझ लिया कि मैंने उनके उस सन्दर्भ में लिखा है. लिहाज़ा


मैं ये बात साफ़ कर दूं कि मेरी लोमड़ी अलग है, कहने को वह भी एक

नारी है परन्तु उसकी रचना भगवान ने कुछ अलग ढंग से की है . वह


केवल मुझ में दिलचस्पी रखती है . इसलिए मैं तो उसके लिए प्रार्थना


कर रहा हूँ ईश्वर से..........



अनजाने में मेरे द्वारा एक ऐसी महिला को तकलीफ पहुंची जिनका मैं


स्वयं सम्मान करता हूँ और जो मुझे छेड़ती भी नहीं है. इसलिए उस


मित्र महिला के सम्मान में मैं मेरी लोमड़ी वाली पोस्ट डिलीट कर

रहा हूँ ताकि मेरा कन्धा किसी और की बन्दूक के लिए इस्तेमाल न हो


जय हिन्द !

hasyakavi albela khatri & khyali saharan on stage

मैं तो लंगोट बाँध चुका हूँ देवी ! अब तुम्हारा कैबरे मुझे विचलित नहीं कर सकता .........



आखिर तुम बाज़ नहीं आई . मेरे विनम्र अनुरोध वाले आलेख के तुमने

परखच्चे उड़ा दिए . अपने अहंकार में मदमस्त तुम वस्त्र उतार कर मेरे


सामने उन्मुक्त कैबरे करने लगी....ये भी न सोचा कि अब मैं लंगोट


बाँध चुका हूँ .



आज तुमने अपनी 18 गलतियों से भरी पोस्ट में
पुनः मुझे छेड़ा है,

रब जाने ऊँगली की है या अंगूठा घुसेड़ा है परन्तु मैं अब भी शान्त हूँ


और तुम्हें मुफ़्त सलाह देता हूँ कि जीवन में यदि किसी चीज़ का अभाव


है तो उसे पाने की कोशिश करो . अपने दैहिक शून्य को मानसिक


रोग मत बनाओ वरना कहीं की न रहोगी .



प्रभु आपको स्वास्थ्य और सद्बुद्धि प्रदान करे ताकि मुझे दोबारा तुम


जैसे अवांछित विषय पर कुछ न लिखना पड़े. अन्यथा लंगोट बाँधने


में ही वक्त लगता है, खोलने में नहीं.............


नारी हो तो नारीत्व की मर्यादा में रहो..बार-बार मुझे चाटने की
कोशिश


मत करो. कहीं ऐसा न हो......तुम्हारी ज़ुबान पर छाले पड़ जाएँ .

जय हिन्द !

हास्यकवि अलबेला खत्री सोनी टीवी पर पाकिस्तानी कलाकार सुल्तान को हरा कर कॉमेडी का बादशाह ख़िताब प्राप्त करते समय सुल्तान, राजू श्रीवास्तव, काशिफ और राखी सावंत के साथ

तुम्हारे चेहरे पे लावण्य और दान्तों में चमक है, लगता है तुम्हारे टूथपेस्ट में सचमुच नमक है


मेरे
देश के नालायक नेताओ !

तुम किसी काम के नहीं हो...........

महंगाई डायन तुम्हें खाती नहीं है

गरमी से भी जान जाती नहीं है

रेल हादसे तुम्हारा कुछ बिगाड़ नहीं पाते

नक्सलवादी भी एक बाल उखाड़ नहीं पाते

बाढ़ का पानी तुम्हारे घर में आता नहीं है

स्वाइन फ्लू का भी तुम से नाता नहीं है

प्रजा रो रही है पर तुम्हारी आँखें नम नहीं हैं

क्योंकि इन हालात का तुम्हें कोई ग़म नहीं है

तुम्हारे चेहरे पे लावण्य और दान्तों में चमक है

लगता है तुम्हारे टूथपेस्ट में सचमुच नमक है

जय हिन्द !


-अलबेला खत्री



सियासी लोगों की आँखों में जो घड़ियाली आँसू हैं



भाव बढ़ा पेट्रोल का, रुक गई सबकी सांस

गवर्नमेंट ने कर दिया फिर जनता को बांस

फिर जनता को बांस, मच गई त्राहि त्राहि

उपभोक्ता का रुदन ये दिल्ली सुनती नाहिं

महंगाई ले डूबेगी, घर के बजट की नाव

दिन दिन बढ़ता जा रहा सब चीजों का भाव

___________________


सियासत एक की दुल्हन नहीं कइयों की रानी है

ये है बदनामी मुन्नी की तो शीला की जवानी है


सियासी लोगों की आँखों में जो घड़ियाली आँसू हैं


इलेक्शन में तो मोती है, पर उसके बाद पानी है

हास्यकवि अलबेला खत्री जयपुर में काव्य प्रस्तुति देते हुए

शान्ति की राह पर चलना चाहता हूँ ..मुझे चलने दो मेरी गति से.......शूल बन कर राह में मत लेटो



जब एक बार मैंने लिखित रूप से मान लिया कि भावावेश में आकर मेरे

द्वारा लिखी गईं कुछ पोस्ट्स अच्छी नहीं थी, घटिया थी, वैमनस्यपूर्ण


थी और उन सबको डिलीट करते हुए मैं भविष्य में सौहार्द्रपूर्ण सार्थक


पोस्ट ही लिखूंगा . तो अब और क्या कहने को बाकी रह गया भाई ?



क्यों मुझे बार बार उकसाने को गुमनामी के नाम से ऐसी टिप्पणियां


कर रहे हो जो कि कोई भी बर्दाश्त नहीं कर सकता . क्यों मुझे

unknown नम्बरों से फोन करके मेरा उपहास उड़ाया जा रहा है ?




एक बार पुनः विनम्र प्रार्थना करता हूँ कि ये ओछी हरकतें बन्द करो,


आप जो भी हो, मैं आपको आपके दड़बे से खींच निकालने में सक्षम


हूँ . परन्तु शान्ति की राह पर चलना चाहता हूँ ..मुझे चलने दो मेरी गति


से.......शूल बन कर राह में मत लेटो..........प्लीज़ .


जय हिन्द !
सूरत में चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स द्वारा आयोजित हास्य महोत्सव का सूत्र संचालन करते हुए हास्यकवि अलबेला खत्री

बहुत होगया अलबेला खत्री !!!....अब केवल क्षमा याचना, जो दे उसका भी भला- जो न दे उसका भी भला ...





प्यारे मित्रो, बन्धुओ, स्वजनों और समस्त परिचितों/अपरिचितो !

विनम्र प्रणाम


मुझे यह स्वीकार करते हुए अत्यन्त खेद और लज्जा के साथ साथ गहरे

दुःख का अनुभव हो रहा है परन्तु सच कहने से पीछे नहीं हटूंगा कि अपनी


तार्किक क्षमता अथवा अपरोक्ष अहंकार के चलते मैंने ब्लॉग्गिंग के इस


मंच पर बहुत से ऐसे आलेख लिखे जो मुझे नहीं करने चाहिए थे. परन्तु इन्सान

कितना भी चतुर क्यों न हो, भूल करता ही है . मुझसे भी भूलें हुईं और बहुतायत

में हुईं. भले ही उनके पीछे मेरा मक़सद केवल सच का साथ देना था लेकिन


विनम्रता के अभाव में वे सब आलेख मेरे लेखन पर काले धब्बों की भान्ति

अंकित हो गये और इसके लिए मेरा मन पश्चाताप कर रहा है .


सबसे ज़्यादा दुःख तो इस बात का है कि बाहर के इस फोकटिये चक्कर में


भीतर की यात्रा बन्द हो चुकी थी. आज से मैं एक नई शुरूआत करना चाहता हूँ .

भीतर की दुनिया बाहर की दुनिया से ज़्यादा चमकदार और सच्ची होने के

बावजूद अहम के अन्धेरे में मैंने उसे छिपा दिया था . आज सब परदे उतार कर


पुनः उजाले में आना चाहता हूँ .



अत्यन्त हार्दिक भाव से मैं यह कहना चाहता हूँ कि आप में से जिस किसी

ने भी मेरा दिल दुखाया हो, मुझे उत्तेजित करके अनर्गल लेखन के लिए प्रेरित

किया हो या वाद-विवाद में धकेला हो, मैं उन सबको हृदय से क्षमा करता हूँ


साथ ही जिन लोगों को मेरे द्वारा दुःख अथवा कष्ट पहुंचा हो, जिनके लिए मैंने

अपमानपूर्ण शब्दों का प्रयोग किया हो, उन सबसे कर बद्ध हो कर क्षमा चाहता हूँ .

भविष्य में आप में से किसी को कोई तकलीफ़ मेरे द्वारा न पहुंचे, इसका मैं पूरा


प्रयास करूँगा और इस क्रम में सबसे पहले मैं उन सब आलेखों को अथवा पोस्ट्स

को डिलीट कर रहा हूँ ताकि आज के बाद मेरे ब्लॉग पर उनका नाम-ओ-निशाँ न

रहे . अभी इतना ही......क्योंकि जिस शरीर पर मुझे अभिमान था वो अब ज़्यादा


दिन चलने वाला नहीं है और वैमनस्य अथवा रंजिश का बोझ लेकर मैं इस


जहान से जाना नहीं चाहता . अतः. क्षमाप्रार्थना के लिए ही आज यह पोस्ट लिखी है



जय हिन्द !

अलबेला खत्री

हास्यकवि अलबेला खत्री मुंबई के एक समारोह में प्रेस को संबोधित करते हुए

About Me

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Surat, Gujarat, India
हिन्दी, हिन्दी साहित्य एवं विश्वस्तरीय काव्य-यात्राओं के लिए विभिन्न राजकीय तथा सार्वजनिक संस्थानों द्बारा लगभग 30 पुरुस्कारों के अलावा सुविख्यात वागेश्वरी सम्मान और टेपा पुरस्कार से सम्मानित हिन्दी हास्य कवि, फ़िल्म गीतकार, कथाकार, अभिनेता व STAR ONE के दी ग्रेट इण्डियन लाफ़्टर चैम्पियन और SONY TV के कॉमेडी का बादशाह फेम हास्य कलाकार अलबेला खत्री । अब तक सात पुस्तकें प्रकाशित, HMV, MAGNASOUND, GUNJAN, SANGEET, RACHNAKAAR इत्यादि अनेक कम्पनियों से 16 ऑडियो,वीडियो अल्बम रिलीज़ तथा पिछले 28 वर्षों में सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण अमेरिका , कनाडा, वेस्ट इंडीज़ व सिंगापोर समेत अनेक देशों में लगभग 5400 प्रस्तुतियां। सर्वाधिक 330 प्रस्तुतियां गुजरात के अहमदाबाद शहर में ब्लोगिंग, फेस बुक आदि के माध्यम से इन्टरनेट पर हिन्दी व हिन्दी साहित्य को और समृध्द व लोकप्रिय बनाने का प्रयास । वर्तमान में हास्य-व्यंग्य से भरपूर भजन एल्बम " हे हनुमान बचालो....." के निर्माण उपरांत अब एक फ़ीचर फ़िल्म और एक मेगा शो के लिए कलाकार व संसाधन जुटाने में व्यस्तता के अलावा स्वामी विवेकानंद पर काव्य-संकलन का सृजन
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